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बवासीर, फिशर एवं गुदा रोग चिकित्सा

सुरक्षित पाइलेक्स-टी बवासीर एवं फिशर केयर 3-इन-1 कॉम्बो किट

₹ 2,499 ₹ 3,200 बचत ₹ 701 छूट

पाइलेक्स-टी कम्प्लीट 3-इन-1 किट (फ्रेश ईज़ी चूर्ण 50g + पाइलेक्स रिलीफ ऑयल 15ml + पाइलेक्स-टी कैप्सूल 30 कैप्सूल) खूनी व बादी बवासीर, गुदा मार्ग के कट (फिशर), असहनीय चुभन, दर्द, मस्सों की सूजन और पुरानी कब्ज को बिना ऑपरेशन ठीक करने के लिए एक सम्पूर्ण आयुर्वेदिक समाधान है।

प्रमुख विशेषताएं एवं फायदे:

  • 3-इन-1 थेरेपी: कैप्सूल (मस्से सिकोड़ने के लिए) + चूर्ण (पेट व कब्ज साफ करने के लिए) + तेल (दर्द व जलन से तत्काल राहत)
  • खूनी बवासीर में पहले 3 से 5 दिनों में रक्तस्त्राव (Bleeding) रोकने में अत्यंत प्रभावी
  • गुदा मार्ग की सूजी हुई नसों को संकुचित कर मस्सों के आकार को प्राकृतिक रूप से सुखाता है
  • कठोर मल (Hard stool) की समस्या खत्म कर पेट को हल्का व स्वच्छ रखता है
स्टॉक में उपलब्ध - एक्सप्रेस शिपिंग के लिए तैयार
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बवासीर, फिशर और कब्ज का 3-चरणीय कुदरती उपचार

आयुर्वेद के अनुसार बवासीर (अर्श) का मुख्य कारण अपान वायु का दूषित होना और क्रोनिक कब्ज है, जिससे शौच के समय अत्यधिक दबाव बनता है और गुदा मार्ग की नसें फूलकर मस्सों का रूप ले लेती हैं। पाइलेक्स-टी 3-इन-1 किट समस्या के तीनों पहलुओं पर एक साथ वार करती है:

  • पाइलेक्स-टी कैप्सूल (अंदरूनी सूजन और मस्सों पर नियंत्रण): नागकेसर, सूरन और खून-खराबा अंदरूनी नसों की सूजन घटाकर मस्सों को सुखाते हैं और ब्लीडिंग बंद करते हैं।
  • फ्रेश ईज़ी चूर्ण (कब्ज का स्थायी खात्मा): यष्टिमधु, सनाय, सौंफ और पुदीना आंतों की गतिशीलता सुधारते हैं, जिससे मल बिल्कुल नरम होकर आसानी से निकलता है।
  • पाइलेक्स ऑयल (बाहरी दर्द, जलन व घाव भरना): नीम, बादाम और काशीशादि तेल गुदा मार्ग के छिलने, जलन और असहनीय दर्द को तुरंत शांत करते हैं और फिशर के घाव भरते हैं।

किट के तीनों घटकों की संपूर्ण आयुर्वेदिक संरचना (Piles Composition)

पाइल्स केयर कॉम्बो किट में शामिल सभी शुद्ध जड़ी-बूटियों की प्रामाणिक सूची:

पाइलेक्स-टी कैप्सूल

Pilex-T Capsule
30 कैप्सूल

मस्सों का आकार सिकोड़ने व रक्तस्त्राव रोकने वाले प्रमुख घटक:

नागकेसर (Nagkeshar) सूरन / जिमीकंद (Suran) भृंगराज (Bhringraj) हरीतकी (Haritki) खून खराबा (Khoon Kharaba) महा नीम / बकायन (Maha Neem) त्रिफला (Triphala) आंवला (Amla) अजवाइन (Ajwain)
कार्य: मस्सों की रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर दर्द व ब्लीडिंग रोकता है।

फ्रेश ईज़ी चूर्ण

Fresh Eazy Churan
50g चूर्ण

आंतों को चिकनाई देने और पेट साफ रखने वाले पाचक तत्व:

यष्टिमधु / मुलेठी (Vasthimadhu) सनाय (Sanay) सौंफ (Saunf) पुदीना (Pudina) हरीतकी (Haritki) अजवाइन (Ajwain) सज्जीक्षार (Sajeekhar) गुलाब (Gulab) सोंठ (Saunth) निशोध (Nishodh) जीरा (Jeera) सोडियम मिथाइल व प्रोपाइल
कार्य: बिना किसी पेट मरोड़ के मल को नरम कर पेट साफ करता है।

पाइलेक्स रिलीफ ऑयल

Pilex Healing Oil
15ml तेल

दर्द निवारक व घाव भरने वाले 5 विशेष आयुर्वेदिक तेल:

नीम का तेल (Neem Oil) कलौंजी का तेल (Kalaunji Oil) बादाम का तेल (Almond Oil) नारियल का तेल (Coconut Oil) काशीशादि तेल (Kashi Shadi Oil)
कार्य: तुरंत ठंडक प्रदान करता है, खुजली मिटाता है और फिशर के घाव भरता है।

पाइल्स (बवासीर) की दवा लेने का सही तरीका (सेवन विधि)

दवा का पूर्ण लाभ प्राप्त करने के लिए कृपया इस विधि का नियमपूर्वक पालन करें:

1. Pilex-T Capsule (कैप्सूल)

रात में खाना खाने के आधे घंटे बाद 1 कैप्सूल लें।

इसे हल्के गुनगुने पानी के साथ लेना है।

2. Fresh Eazy Churan (चूर्ण)

सुबह खाली पेट 1 चम्मच चूर्ण लें।

इसे हल्के गुनगुने पानी के साथ लेना है।

3. Pilex Oil (हर्बल तेल)

रात में सोने से पहले समस्या वाली जगह पर तेल लगाएं।

लगाने से पहले जगह को अच्छी तरह साफ कर लें और फिर हल्के हाथ से तेल लगाएं।

💡 खानपान सलाह: दवा के सेवन के दौरान अधिक मिर्च-मसाले, तली-भुनी चीजें, मैदा, बैंगन और मांसाहार का परहेज करें। भोजन में पपीता, छाछ, हरी सब्जियां, सलाद और प्रचुर मात्रा में पानी शामिल करें।

पथ्य और अपथ्य (आहार, दिनचर्या व परहेज)

बवासीर और फिशर के स्थायी निवारण के लिए दवाओं के साथ-साथ आंतों को आराम देने वाले आहार का पालन अत्यंत आवश्यक है:

पथ्य (क्या खाएं / अनुकूल आहार)

  • पपीता व फाइबर युक्त फल: पक्का पपीता, सेब, अमरूद (बीज निकालकर) और चीकू रोज खाएं।
  • छाछ (मट्ठा): दोपहर के भोजन के बाद भुना जीरा और थोड़ा सेंधा नमक मिलाकर छाछ पिएं।
  • फाइबर युक्त आहार: दलिया, ओट्स, चोकर वाली रोटी और मूंग दाल की पतली खिचड़ी।
  • हरी पत्तेदार सब्जियां: लौकी, तोरई, परवल, टिंडा और कद्दू का अधिक सेवन करें।
  • इसबगोल की भूसी: रात को सोने से पहले हल्के गर्म दूध या गुनगुने पानी के साथ 1 चम्मच लें।
  • प्रचुर जलपान: दिनभर में 3 से 4 लीटर गुनगुना या सामान्य पानी अवश्य पिएं ताकि मल मुलायम रहे।

अपथ्य (क्या न खाएं / सख्त परहेज)

  • तीखा व गर्म मसाला: लाल मिर्च, हरी मिर्च, गरम मसाला और अत्यधिक चटपटा खाना न खाएं।
  • मैदा व फास्ट फूड: समोसा, कचौड़ी, पिज्जा, बर्गर, नूडल्स और गहरे तले-भुने पकवान।
  • कब्जकारक सब्जियां: बैंगन, अरबी (घुइयां), कटहल और उड़द-चने की भारी दालें।
  • नशा व उत्तेजक पदार्थ: शराब (अल्कोहल), बीड़ी, सिगरेट, गुटखा और दिन में 2 कप से अधिक चाय-कॉफी।
  • मांसाहार व अंडा: लाल मांस, चिकन और भारी प्रोटीन वाले आहार आंतों की जलन बढ़ाते हैं।
  • गलत आदतें: शौच के समय ज्यादा जोर लगाना या टॉयलेट सीट पर देर तक बैठे रहने से बचें।

सावधानियाँ एवं आवश्यक सूचना (Precautions)

निम्नलिखित स्थितियों में डॉक्टर की सलाह के बिना दवा का सेवन न करें:
  • गर्भवती महिलाएँ एवं स्तनपान कराने वाली महिलाएँ।
  • जिनकी पिछले 1 वर्ष के भीतर कोई भी छोटी या बड़ी सर्जरी हुई हो।
  • टीबी (Tuberculosis) या अस्थमा (दमा) से पीड़ित व्यक्ति।
  • जिन्हें मिर्गी या दौरे पड़ने की समस्या हो।
  • कैंसर से पीड़ित व्यक्ति या जिनका कैंसर का इलाज चल रहा हो।
  • किडनी, लिवर, हृदय या किसी अन्य गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्ति।
  • जो पहले से किसी अन्य बीमारी की दवा ले रहे हों या जिन्हें किसी दवा अथवा घटक से एलर्जी हो।
  • बच्चों, बुजुर्गों या किसी अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या से पीड़ित व्यक्ति।
महत्वपूर्ण सूचना: किसी भी आयुर्वेदिक दवा का सेवन शुरू करने से पहले उसकी सामग्री एवं सेवन विधि की जानकारी लें। यदि आप किसी बीमारी से पीड़ित हैं, नियमित दवाएँ ले रहे हैं या आपकी हाल ही में सर्जरी हुई है, तो पहले योग्य एवं पंजीकृत डॉक्टर से परामर्श करें। बिना डॉक्टरी सलाह के अपनी चल रही नियमित दवाएँ बंद न करें।

पाइलेक्स-टी किट के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQs)

क्या यह किट खूनी और बादी दोनों तरह की बवासीर में काम करती है?
हाँ, पाइलेक्स-टी 3-इन-1 किट खूनी बवासीर (Bleeding Piles), बादी बवासीर (Non-bleeding Piles) और एनल फिशर (Fissure) तीनों स्थितियों में अत्यंत असरदार है। यह रक्तस्राव को तुरंत रोकती है और मस्सों को सुखाने में मदद करती है।
क्या बवासीर के मस्सों के ऑपरेशन से बचा जा सकता है?
अधिकांश मामलों (ग्रेड 1, 2 और 3) में बिना किसी दर्दनाक ऑपरेशन या लेजर सर्जरी के मस्से पूरी तरह सूखकर सिकुड़ जाते हैं। नियमित दवा और कब्ज पर नियंत्रण रखने से ऑपरेशन की आवश्यकता नहीं पड़ती।
कितने दिनों में दर्द और ब्लीडिंग में आराम मिलना शुरू होता है?
शौच के समय जलन, चुभन और ब्लीडिंग में पहले 3 से 4 दिनों में ही स्पष्ट आराम मिल जाता है। पाइलेक्स तेल लगाने से 10 मिनट के अंदर जलन व सूजन शांत होती है। मस्सों के पूरी तरह सूखने के लिए 30 से 45 दिनों का नियमित कोर्स करें।
क्या फ्रेश ईज़ी चूर्ण की आदत (लत) पड़ जाती है?
बिल्कुल नहीं। यह 100% प्राकृतिक जड़ी-बूटियों (यष्टिमधु, सौंफ, पुदीना, हरड़, सनाय) से तैयार किया गया चूर्ण है जो आंतों की स्वाभाविक गति (Peristalsis) को पुनर्जीवित करता है, जिससे पेट बिना किसी जोर या आदत के अपने आप साफ होने लगता है।
पार्सल की पैकेजिंग कैसी होती है और भुगतान कैसे करना होगा?
पार्सल पूरी तरह से गोपनीय (Discreet & Private Packaging) कार्टन में भेजा जाता है ताकि आपकी गोपनीयता बनी रहे। आप डिलीवरी के समय नकद भुगतान (Cash on Delivery) कर सकते हैं।

ग्राहक समीक्षाएं एवं अनुभव

"मुझे पिछले 6 महीने से खूनी बवासीर की समस्या थी और बैठने में भी दर्द होता था। इस किट के 4 दिन के इस्तेमाल से ही खून आना पूरी तरह बंद हो गया और दर्द में बहुत राहत मिली।"

सुरेश कुमार — सत्यापित ग्राहक (अहमदाबाद)

"पाइलेक्स तेल लगाते ही जलन में तुरंत ठंडक मिलती है। फ्रेश ईज़ी चूर्ण से सुबह पेट बिना जोर लगाए एकदम साफ हो जाता है। बवासीर के लिए यह सबसे बेहतरीन किट है।"

मीना देवी — सत्यापित ग्राहक (लखनऊ)

"डॉक्टरों ने मुझे ऑपरेशन के लिए बोला था लेकिन पाइलेक्स-टी किट लेने के बाद मस्से बिल्कुल सूख गए। मुझे ऑपरेशन की जरूरत ही नहीं पड़ी।"

दिनेश पटेल — सत्यापित ग्राहक (सूरत)

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